Nitesh Nain case – गैंगस्टर की पत्नी से प्यार – The Chanakya

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Nitesh Nain case – गैंगस्टर की पत्नी से प्यार

आज की कहानी के तीन मुख्य किरदार हैं.

पहला किरदार है एक गैंगस्टर और दूसरा है एक प्रॉपर्टी कारोबारी.

इन दोनों की दोस्ती हो जाती है और जब दोस्ती होती है तो एक दूसरे के घर भी आना जाना हो ही जाता है. जब प्रॉपर्टी कारोबारी अपने गैंगस्टर दोस्त के घर पहली बार पहुंचता है तो वहां उसकी मुलाक़ात होती है, इस कहानी के तीसरे किरदार से और वो है गैंगस्टर की पत्नी.

इसके बाद एक दिन अचानक वो प्रॉपर्टी कारोबारी अपने गैंगस्टर दोस्त की पत्नी को लेकर भाग जाता है.

कहानी सिर्फ इतनी ही नहीं है इसके बाद अगले छ महीने में जो कुछ हुआ वो बेहद भयानक है खौफनाक है.

राजस्थान के अजमेर से शुरू हुई ये कहानी उत्तरप्रदेश के फिरोजाबाद में जाकर ख़त्म हुई.

Nitesh Nain नितेश नैन अपहरण

28 साल के प्रॉपर्टी कारोबारी नितेश नैन (Nitesh Nain) का कहीं कुछ पता नहीं चल रहा था उनका मोबाइल भी बंद था.

4 फरवरी को उनके पिता प्रेमचंद नैन ने अजमेर पुलिस को बेटे के अपहरण की शिकायत दर्ज करवाई. इस शिकायत में उन्होंने एक नाम लिया जिससे उनके बेटे को खतरा था और वो नाम था गंज थाने के हिस्ट्रीशीटर हरिशंकर उर्फ़ हरी लंगड़ा का.

नितेश नैन की गैंगस्टर से दुश्मनी

ऐसा क्या हुआ था ? जिसकी वजह से हरि लंगड़ा नितेश की जान का दुश्मन बन गया था. दरअसल हिस्ट्रीशीटर हरिलंगड़ा और नितेश नैन (Nitesh Nain) छ महीने पहले तक दोस्त हुआ करते थे. ये दोस्ती हुई थी सट्टे के काम को लेकर.

इसी के चलते नितेश का हरि के घर आना जाना हुआ करता था वहां हरि लंगड़ा की पत्नी से नितेश की जान पहचान हुई और फिर दोस्ती हो गयी. इस बात से हरि शंकर काफी नाराज था. फिर एक दिन  नितेश उसकी पत्नी को भगा कर ले गया. 

इस घटना के बाद हरीशंकर उर्फ़ हरी लंगड़ा नितेश से बदला लेना चाहता था. लेकिन नितेश उसे मिल नहीं रहा था. इसी बोखलाहट में उसने नितेश के परिवार को धमकी दी थी. नितेश को जान से मारने की धमकी और ये कोरी धमकी नहीं थी.

हरी लंगड़ा ने चार महीने पहले सितम्बर में नितेश की बहन के घर पर ताबड़तोड़ फायरिंग करवा दी थी, इस शक में कि शायद नितेश वहां छुपा हो. कुल 5 राउंड फायर किये गए थे लेकिन उस समय बदमाश अपने मकसद में कामयाब नहीं हो पाया था.

इसके बाद रामगंज थाने में ये मामला दर्ज हुआ था और हरी लंगड़ा को पुलिस ने गिरफ्तार भी किया था. बाद में वो जमानत पर बाहर आ गया.

दूसरी बार उसने नितेश की छोटी बहन के यहाँ गोदाम में आग लगवा दी थी जिसमे लाखों का माल जलकर ख़ाक हो गया था. नितेश नैन (Nitesh Nain)हरि लंगड़ा को छ: महीने से नहीं मिल रहा था, लेकिन अपने परिवार के संपर्क में था.

फरवरी में जब उसका अपने परिवार से संपर्क टूटा तो पिता प्रेमचंद नैन ने पुलिस को सारी कहानी बताई.  

पुलिस ने जब जांच शुरू की तो सबसे पहले हरिलंगड़ा को गिरफ्तार किया, फिर एक के बाद एक कुल पांच गिरफ्तारियां हुई उसके बाद सामने आई नितेश के क़त्ल की खौफनाक कहानी.

असल में गैंगस्टर हरी लंगड़ा अपनी पत्नी और नितेश के भाग जाने के बाद गुस्से में था और नितेश से बदला लेना चाहता था. जब वो इसमे कामयाब नहीं हो पाया तो उसने नितेश के दोस्त मनोज यादव से संपर्क किया और नितेश की जान के बदले 20 लाख रूपए देने की बात कही.

इधर नितेश इस बात से परेशान था कि उसके परिवार पर बार बार हमले हो रहे थे, उसकी जान भी खतरे में थी और उसे अपनी सुरक्षा के लिए हथियार चाहिए थे, इसलिए उसने भी अपने दोस्त मनोज यादव से संपर्क किया.

मनोज यादव पहले ही हरि लंगड़ा और अपने दो दोस्तों आदित्य शर्मा उर्फ बिट्टू और गौतम के साथ मिलकर नितेश को मारने की योजना बना चूका था. मनोज यादव ने सुपारी लेकर हत्या करने वाले अपने साथी मोहम्मद इसरार उर्फ़ कल्लू और इमरान को इटावा से जयपुर बुला लिया. ये लोग नितेश को हथियार दिलाने के बहाने उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में अपने मकान पर ले गए.

नितेश नैन की आख़िरी रात

एक फरवरी की रात को फिरोजाबाद में अपने मकान पर कल्लू ने पहले नितेश नैन को खाना खिलाया, जिसमे  कुछ नशीला पदार्थ मिला हुआ था. इसे खाने के करीब आधे घंटे के बाद नितेश नैन को उल्टी हुई. मोहम्मद इसरार उर्फ़ कल्लू ने अपने दो साथियों इमरान और आमिर के साथ मिलकर नितेश नैन की जान ले ली.

इसके बाद घर के तहखाने में ही गड्‌ढा खोदकर नितेश की लाश को ठिकाने लगा दिया और ऊपर से टाइल्स भी लगा दिए.

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मनोज यादव ने कल्लू और इमरान से 15 लाख रुपए में नितेश की जान का सौदा तय किया था.

काम होने के बाद 2 फरवरी को उन्हें 10 लाख रुपए दे भी दिए. बाकी के पांच लाख बाद में देने का वादा किया था.

बाद में पुलिस के कहने पर मनोज यादव ने कल्लू और इमरान को बाकी पैसे देने के लिए अजमेर बुलाया और जैसे ही ये लोग अजमेर पहुंचे पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया.

बाद में फिरोजाबाद जाकर अजमेर पुलिस ने तहखाने से नितेश नैन की लाश को बरामद किया. हरि लंगड़ा मनोज यादव गौतम कल्लू और इमरान पुलिस की गिरफ्त में हैं.

दो आरोपियों आदित्य उर्फ बिट्टू और कल्लू के तीसरे साथी आमिर की तलाश जारी है.

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