Lady Don Anuradha Choudhary Biography in Hindi । काला जठेडी की रिवोल्वर रानी अनुराधा चौधरी की कहानी

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अनुराधा-चौधरी

काला जठेडी की रिवाल्वर रानी अनुराधा चौधरी की कहानी

अनुराधा चौधरी (Anuradha Choudhary)ने शेयर ट्रेडिंग का काम करते करते अपराध की दुनिया में कदम रखा. एक समय था जब वो राजस्थान के गैंगस्टर आनंदपाल की बेहद करीबी मानी जाती थी.

अनुराधा चौधरी/Lady Don Anuradha Choudhary

अनुराधा चौधरी का रुतबा किसी बड़े गैंगस्टर से कम नहीं है. उसने आनंदपाल को अंग्रेजी बोलना सिखाया था और बदले में आनंदपाल ने अनुराधा को AK 47 जैसे हथियार चलाना सिखा दिया. साल 2017 में जब आनंदपाल का एनकाउंटर हुआ था, तब से अनुराधा चौधरी फरार थी.

पिछले हफ्ते दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने गैंगस्टर काला जठेडी को उत्तरप्रदेश के सहारनपुर से गिरफ्तार किया है, उस पर 7 लाख रूपए का इनाम था और छत्रसाल स्टेडियम में हुई सागर धनकड़ की हत्या के बाद से उसका नाम सुर्ख़ियों में था.

काला जठेडी की गिरफ्तारी के अगले दिन पुलिस ने उसकी एक सहयोगी को भी गिरफ्तार किया है और उसकी ये सहयोगी कोई और नहीं बल्कि अनुराधा चौधरी ही है.

आज हम इसी लेडी डॉन अनुराधा चौधरी उर्फ़ मैडम मिंज के बारे में बात करेंगे.

गैंगस्टर काला जठेडी कौन है ये जानने के लिए नीचे विडियो पर क्लिक करें.

अनुराधा जब छोटी सी थी तभी उसकी माँ की मौत हो गयी थी. उसके पिता रामदेव सरकारी नौकरी करते थे और उन्होंने अकेले ही उसकी परवरिश की थी. 

अनुराधा पढाई में होशियार थी उसने कंप्यूटर से ग्रेजुएशन करने के बाद MBA की डिग्री भी हासिल की थी, लेकिन उसे नौकरी नहीं करनी थी. वो बिज़नस करना चाहती थी, इसी दौरान उसकी मुलाकत दीपक मिंज से हुई. दोनों ने शादी कर ली और अनुराधा मैडम मिंज बन गयी.

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शादी के बाद अनुराधा ने अपने पति के साथ सीकर में शेयर ट्रेडिंग का काम शुरू कर दिया. इसी शेयर बाज़ार के धंधे की वजह से बेहद तेज दिमाग अनुराधा चौधरी अपराध की दुनियां में आ गयी. अनुराधा बड़े मुनाफे का भरोसा देकर निवेशकों से शेयर मार्किट में पैसा लगवाती थी, लेकिन जब शेयर मार्किट में लोगों के करोड़ों रूपए डूब गए तो उसका धंधा चौपट हो गया.

निवेशक अपना पैसा बापस मांग रहे थे और अनुराधा के पास लौटाने के लिए पैसे थे नहीं. अनुराधा पर लगातार उनके पैसे लौटाने का दबाब बडता जा रहा था.

इन लोगों से बचने के लिए अनुराधा ने हिस्ट्री शीटर बलबीर बानूड़ा का सहारा लिया. यही वो शख्श था जिसने उसकी मुलाक़ात उस वक़्त राजस्थान के कुख्यात गैंगस्टर आनंदपाल से करवाई थी.

आनंदपाल जब अनुराधा से मिला था तो वो पेंट-शर्ट और गमछा डालने वाला एक ठेट देसी लड़का था. अनुराधा ने उसका पूरा पहनावा बदल दिया था. राजस्थान का सबसे बड़ा डॉन अब सूट-बूट और हैट पहनने लगा था. अनुराधा उसे अंग्रेजी बोलना सिखा रही थी और आनंदपाल उसे हथियार चलाने की ट्रेनिंग दे रहा था.

23 जनवरी 2014 को डीडवाना में एक बिना नंबर की स्कार्पियो में पुलिस ने कुछ हथियार और डेढ़ पेटी अंग्रेजी शराब बरामद की थी, इस मामले में अनुराधा को गिरफ्तार किया गया था और बाद में वो जमानत पर बाहर भी आ गयी थी.

धीरे-धीरे अनुराधा गैंगस्टर आनंदपाल की सबसे विश्वसनीय और करीबी सहयोगी बन गयी. आनंदपाल को पुलिस कस्टडी से छुडाने में भी इसकी भूमिका थी.

एक वक़्त था जब अनुराधा का दिमाग और आनंदपाल की ताकत के सामने राजस्थान सरकार और पुलिस भी बेबस हो गयी थी.

साल 2017 में जब आनंदपाल राजस्थान पुलिस के साथ एक मुठभेड़ में मारा गया तो अनुराधा उसके विरोधी गैंग के टारगेट पर आ गयी. उस समय बलबीर बानूड़ा उसके साथ था, लेकिन जब वो भी जेल चला गया तो गैंगस्टर लोरेंस बिश्नोई के जरिये वो काला जठेडी के संपर्क में आई. 

लोरेंस ने अनुराधा (Lady Don Anuradha Choudhary) को काला जठेडी से मिलवाया तो उसने जठेडी का भरोसा जीत लिया. काला जठेड़ी अनुराधा के शातिर दिमाग का मुरीद बन गया और अनुराधा उसकी ख़ास सहयोगी बन गयी. दोनों एक साथ रहते थे.

वो राजस्थान में अपना खौफ बरकरार रखना चाहती थी, इसलिए काला जठेडी के साथ मिलकर दिल्ली में बैठे-बैठे राजस्थान में अपना नेटवर्क चला रही थी.

पिछले साल 30 अगस्त के दिन नागौर के एक व्यापारी सुनील को विडियो कॉल करके धमकाया गया था.

सुनील का कहना था कि उसके घर पर दो युवक आये और उन्होंने विडियो कॉल पर अनुराधा से बात करवाई थी, जिसमे अनुराधा ने कहा था कि जो हिसाब किताब पहले आनंदपाल गैंग से चलता था, उसे फिर से शुरू कर दो अगर वैसा नहीं करा तो जान से मार देंगे. 

सागर धाकड़ की हत्या के बाद जब सुशील कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया तो काला जठेडी का नाम चर्चा में आया और पुलिस उसके पीछे पड गयी.

अनुराधा ने ही काला जठेडी को अपना हुलिया बदलने की सलाह दी थी, जिसके बाद दोनों अपनी पहचान बदल कर पुनीत भल्ला और पूजा भल्ला के नाम से पति पत्नी की तरह रह रहे थे. 

ये अनुराधा की ही प्लानिंग थी जिसकी वजह से पुलिस अब तक ये समझ रही थी कि काला जठेडी विदेश में रह रहा है. 

अनुराधा चौधरी पिछले नौ महीने से काला जठेडी के साथ थी, लेकिन राजस्थान पुलिस उसको बहुत पहले से तलाश कर रही थी. वहां उसके खिलाफ करीब एक दर्जन मामले दर्ज हैं.

27 जून साल 2006 में जीवनराम गोधारा की हत्या हुई थी, इस हत्याकांड के मुख्य गवाह प्रमोद चौधरी के भाई इंद्रचंद के अपहरण के मामले में पुलिस को अनुराधा की तलाश थी, उस पर सीकर के एक व्यापारी के अपहरण का भी आरोप है.

अनुराधा पर राजस्थान में लूट, अपहरण  और रंगदारी मांगने के समेत करीब एक दर्जन गंभीर मामले दर्ज हैं, जिनमे से सबसे ज्यादा अपहरण के ही मामले हैं. यहाँ उस पर १० हाजार रूपए का इनाम भी घोषित है.

शेयर मार्किट में काम करने वाली पढी लिखी अनुराधा चौधरी उर्फ़ मैडम मिंज गैंगस्टर आनंदपाल की मदद से लेडी डॉन बनी और अब ये लेडी डॉन दिल्ली पुलिस की गिरफ्त में हैं.

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